➤ अगले पांच वर्षों में HRTC को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य, 1000 ई-बसें और 200 हाइड्रोजन बसें खरीदने की तैयारी
➤ मंडी में 25 नई टाइप-1 इलेक्ट्रिक बस सेवाएं शुरू, प्रदेश में खरीदी जा चुकी हैं 297 ई-बसें
➤ डीजल बसों के मुकाबले ई-बसों से प्रति किलोमीटर 12 से 13 रुपये तक ऊर्जा लागत में बचत का दावा
शिमला, 17 अगस्त। हिमाचल प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को हरित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को मंडी जिले के लिए 25 नई टाइप-1 इलेक्ट्रिक बस सेवाओं का वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने शिमला से वर्चुअल कार्यक्रम के जरिए मंडी के पड्डल मैदान से इन बस सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। सरकार का कहना है कि नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से मंडी जिले में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अधिक सुविधाजनक और पर्यावरण-अनुकूल होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने HRTC के इलेक्ट्रिक बस बेड़े को मजबूत करने के लिए 297 नई टाइप-1 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी हैं। इनका संचालन शिमला, नाहन, नालागढ़, ऊना, हरोली, बिलासपुर, देहरा, हमीरपुर, पालमपुर, धर्मशाला और नगरोटा समेत कई क्षेत्रों में किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कुल्लू, मंडी और सुंदरनगर में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए जरूरी चार्जिंग ढांचा भी तैयार किया जा चुका है। इन क्षेत्रों में नई सेवाओं के शुरू होने से पहाड़ी क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन का दायरा और बढ़ेगा।
आज शिमला से वर्चुअल माध्यम से मंडी जिला के लिए 25 ई-बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
आधुनिक, सुविधाजनक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन की यह सुविधा मंडी के भाइयों-बहनों की यात्रा को और सुगम बनाएगी।
स्वच्छ एवं हरित हिमाचल के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए, हम प्रदेश में बेहतर सार्वजनिक… pic.twitter.com/OZPF1giqJ4
— Sukhvinder Singh Sukhu (@SukhuSukhvinder) August 17, 2026
एक चार्ज में करीब 180 किलोमीटर की निर्धारित रेंज
मुख्यमंत्री के अनुसार टाइप-1 इलेक्ट्रिक बसों की निर्धारित ड्राइविंग रेंज 80 प्रतिशत स्टेट ऑफ चार्ज पर करीब 180 किलोमीटर है। परिचालन के दौरान इन बसों का प्रदर्शन उत्साहजनक बताया गया है।
उन्होंने कहा कि शिमला-चंडीगढ़ रूट पर इलेक्ट्रिक बस एक बार चार्ज करने के बाद करीब 270 किलोमीटर की दूरी तय कर रही है। हिमाचल जैसे कठिन पहाड़ी भू-भाग में लंबी दूरी के अंतर-शहरी मार्गों पर इस प्रदर्शन को इलेक्ट्रिक बसों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
डीजल बसों के मुकाबले संचालन खर्च में बचत
मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से HRTC की परिचालन लागत में भी कमी आ रही है। डीजल बसों की तुलना में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन में ऊर्जा लागत पर करीब 12 से 13 रुपये प्रति किलोमीटर की बचत होने का दावा किया गया है।
सरकार के अनुसार इससे निगम के ईंधन और परिचालन खर्च को कम करने के साथ सार्वजनिक परिवहन की दक्षता बढ़ाने में मदद मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार कार्बन उत्सर्जन कम करने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और सरकारी सहयोग से HRTC को आधुनिक, ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था के रूप में विकसित किया जा रहा है।
पांच साल में HRTC को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में HRTC को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने बताया कि सरकार HRTC को बसें खरीदकर उपलब्ध करवाती है और हर वर्ष करीब 840 करोड़ रुपये का अनुदान देती है।
मुख्यमंत्री के अनुसार निगम अपने संसाधनों से भी लगभग इतनी ही राशि अर्जित कर रहा है। सरकार अब निगम को धीरे-धीरे आर्थिक रूप से अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है।
इसी योजना के तहत आने वाले वर्षों में हिमाचल प्रदेश में 1000 इलेक्ट्रिक बसें और 200 हाइड्रोजन बसें खरीदने की योजना है। इससे प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन बेड़े में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने पहले बजट में ‘ग्रीन हिमाचल’ की परिकल्पना रखी थी। इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार इसी लक्ष्य को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम है।
सरकार की योजना केवल नई बसें खरीदने तक सीमित नहीं है। इसके साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और सार्वजनिक परिवहन को ऊर्जा-कुशल बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान शिमला में अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा और HRTC के प्रबंध निदेशक शिवम प्रताप सिंह मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे। मंडी में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में HRTC के उपाध्यक्ष अजय वर्मा, APMC अध्यक्ष संजीव गुलेरिया, जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष शशि शर्मा और जिला कांग्रेस कमेटी मंडी अध्यक्ष चंपा ठाकुर समेत अन्य लोग मौजूद रहे।



